शुक्रवार, 24 अगस्त 2018

व्यक्तित्व

व्यक्तित्व तीन बातों से बनता है - शरीर, मन और आत्मा | जिस दिन व्यक्तित्व में इन तीनों का सही तालमेल हो जाएगा, तो उसे कहेंगे जीत का संयोग | यदि सफलता के साथ शांति चाहिए तो जीत के इस मेल को आध्यात्मिक भी बनाना होगा | जो लोग शरीर, मन और आत्मा के मिलन को समझ लेंगे, वह भीतर से ऋषियों की तरह होंगे और बाहर से श्रेष्ठ प्रबंधक | इसका यह अर्थ होगा कि हम शरीर से सक्रिय रहे, मन से विश्राम की मुद्रा में रहे और आत्मिक रूप से होश में रहे|
साथ ही , स्वयं के प्रति विश्वास रखें और मन अपने काम के प्रति आस्था |विश्वास हमारी बाहरी क्रियाओं को सक्रिय, चौकन्ना और थकान रहित बनाता है है तथा आस्था हमें भी अपने काम के प्रति समर्पित बना देती है |

बुधवार, 22 अगस्त 2018

वास्तु दोष शांति के उपाय

१.घर में अखंड रूप से श्री रामचरितमानस के 9 पाठ करने से वास्तु जनित दोष दूर हो जाते हैं
२.मुख्य द्वार के ऊपर सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं ऐसा करने से घर में वास्तु दोष नहीं रहता
३.वर्ष में एक बार अमावस्या के दिन दही चावल एवं नारियल पूरे घर से उतार कर बाहर फेंक देना चाहिए यह बली का स्वरुप है
४.वास्तु नियमों के अनुसार ईशान दिशा में जो कि भगवान शिव की दिशा है जो हमेशा ध्यान मग्न रहते हैं अर्थात पूजा स्थल ईशान में शुभ है
५.शिवलिंग की योनि गैलरी का मुंह उत्तर की तरफ होना चाहिए शालिग्राम के अलावा किसी अन्य देवता की काली पत्थर की मूर्ति घर में ना रखें

वास्तु दोष के कारण होता है घर में कलह

१.यदि घर की महिला बीमारी से ग्रस्त है और घर में अकेला रहता है इसका कारण अग्नि कोण का दूषित होना भी हो सकता है
२.यदि आपके घर में रसोई ग्रह अग्नि कोण की जगह कहीं और बना है तो ग्रहणी अक्सर तनाव में रहती है
३.जल एवं अग्नि का स्थान पास-पास होना भी दोष उत्पन्न करता है
४.कहीं चूहे के ऊपर बने रेट में जल व्यवस्था तो नहीं अगर ऐसा है तो उसमें भी घर की महिलाएं अक्सर तनाव में रहती हैं
५.ईंधन का अधिक जलना या भोजन का स्वादिष्ट नहीं बनना भी वास्तुदोष का सूचक है
६.पड़ोसियों से अनावश्यक विवाद घर में काला या पति पत्नी के बीच तनाव वास्तु दोष का सूचक है
७.पुत्र का हमेशा बीमार रहना है पढ़ाई में मन नहीं लगना भी घर में वास्तु दोष का सूचक है
८.अग्नि कोण में जल व्यवस्था या वोटर टैंक भी तनाव का कारण बन सकता है