शुक्रवार, 24 अगस्त 2018

व्यक्तित्व

व्यक्तित्व तीन बातों से बनता है - शरीर, मन और आत्मा | जिस दिन व्यक्तित्व में इन तीनों का सही तालमेल हो जाएगा, तो उसे कहेंगे जीत का संयोग | यदि सफलता के साथ शांति चाहिए तो जीत के इस मेल को आध्यात्मिक भी बनाना होगा | जो लोग शरीर, मन और आत्मा के मिलन को समझ लेंगे, वह भीतर से ऋषियों की तरह होंगे और बाहर से श्रेष्ठ प्रबंधक | इसका यह अर्थ होगा कि हम शरीर से सक्रिय रहे, मन से विश्राम की मुद्रा में रहे और आत्मिक रूप से होश में रहे|
साथ ही , स्वयं के प्रति विश्वास रखें और मन अपने काम के प्रति आस्था |विश्वास हमारी बाहरी क्रियाओं को सक्रिय, चौकन्ना और थकान रहित बनाता है है तथा आस्था हमें भी अपने काम के प्रति समर्पित बना देती है |

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